सोमवार, 17 अप्रैल 2017

Garib Neta

अब गरीब बिना पैसे लड़ेंगे लोकसभा चुनाव – अनिल बादराणी सांखला

नई दिल्ली : (जी.एस. ठाकुर) “हर गरीब परिवार में एक सरकारी नोकरी व् अन्य सभी परिवारों में रोजी-रोटी की गारंटी” के मुद्दे को “आज़ाद मज़दूर किसान पार्टी” जन-जन तक पहुँचने में ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, पूरे देश में हर जिले में, हर विधानसभा एरिया में यहाँ तक की हर गाँव में पार्टी अपने पदाधिकारी नियुक्त कर रही है।
इस मुद्दे का दबे स्वर में विरोध भी शुरू हो गया है, विभिन पार्टियों के नेता “आज़ाद मज़दूर किसान पार्टी” पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रहे है, उनका कहना है की यह संभव ही नही है की हर गरीब परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाये और अन्य सभी परिवारों में रोजी-रोटी की गारंटी दी जाये, ऐसा कोई भी पार्टी कर ही नही सकती है। लेकिन वहीं “आज़ाद मज़दूर किसान पार्टी” अपने इस मुद्दे पर अपना दावा कर रही है की उनके पास मजबूत योजना है, जिसके तहत हर गरीब परिवार में सरकारी नौकरी व् अन्य सभी परिवारों में रोजी-रोटी की गारंटी होगी, पार्टी का यहाँ तक वचन है कि यह केजरीवाल की तरह हवा-हवाई घोषणा नही है और ना ही मोदी का कोई जुमला है, बल्कि यह पार्टी का वचन है, पार्टी यहाँ तक दावा कर रही है कि सरकार बनने के 5 वर्ष में अगर देश के सभी गरीब परिवारों में सरकारी नौकरी व् अन्य सभी परिवारों में रोजी-रोटी की व्यवस्था नही दी, तो पार्टी को भंग करके समाप्त कर दिया जायेगा, पार्टी की वेबसाइट www.amkp.in पर इसी मुद्दे का बेनर भी प्रमुखता से दिखाई दे रहा है।
वहीँ इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने सिर्फ गरीब उम्मीदवारों को टिकट देकर, उन्हें जिताकर संसद में भेजने का मन बना रखा है, पार्टी का मानना है कि गरीबी-बेरोजगारी का दर्द सिर्फ गरीब बेरोजगार ही समझ सकते है, इसलिए पार्टी सिर्फ और सिर्फ गरीबों को लोकसभा में टिकेट देकर उम्मीदवार बनाकर संसद में भेजने की एक क्रांतिकारी योजना पर काम कर रही है, इस पर सभी पार्टी के पूंजीपति नेता “आज़ाद मज़दूर किसान पार्टी” व् पार्टी प्रमुख “अनिल बादराणी सांखला” का मजाक बना रहे है, लेकिन वहीँ विभिन पार्टी के गरीब नेता अपनी-अपनी पार्टी को त्याग के सांखला की विचारधारा के साथ जुड़ रहे है।

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